पंखुड़ियाँ

समय के पंखों पर आशाओं के पखेरू लाए चुनकर जीवन की धूप-छाँव भरी पंखुड़ियाँ...

सोमवार, 18 अप्रैल 2022

जुगलबंदी :

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गली में बसा एक अलहदा सा नुक्कड़। जिसके एक ओर लाला की सट्टी और उसके ठीक सामने हकीम सैफ़ू मियाँ का दवाखाना। बस यूँ समझ लीजिये जैसे चाय में अदरक...
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शुक्रवार, 2 जुलाई 2021

कलयुग की महिमा

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रवि ने जैसे ही आलमारी बंद की तो अंदर से फुसफुसाहट सुनाई दी, “य..यह किसकी दस्तक है? कौन हो सकता है?”  "कोई हमारी जगह लेने आ रहा है क्या!...
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रविवार, 30 मई 2021

सुराज

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राजा सूर्यप्रताप के शासन का डंका स्वर्ग तक गूँजने लगा तो देवताओं ने प्रभु से राजा सूर्यप्रताप के शासन पर अंकुश लगाने की प्रार्थना की। प्रभु ...
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शनिवार, 17 अक्टूबर 2020

एलेक्सा , एक रोबोट कथा :

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"मम्मा! मेरा ब्रेकफ़ास्ट दो ना प्लीज़!" "बेटा टेबल पर लगा है!" "एलेक्सा! प्ले डांस म्यूजिक!"  'ओके...नाच म...
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सोमवार, 5 अक्टूबर 2020

तख्त पलट : लघुकथा

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जगन, छगन, गगन। मध्यावकाश की घंटी बजी नहीं कि इनकी गेंद तड़ी चालू। "जगन हमें दे! जगन हमें दे!" चूँकि गेंद जगन की है तो वह जिसको चाह...
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गुरुवार, 10 सितंबर 2020

मिन्नी की बात :

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सुनो! पता नहीं, क्या हो गया है सबको! कोई किसी से बात ही नहीं करता। सब मोबाइल में लगे हैं। मम्मी-पापा-दीदी, सब के सब। जानती हो, आज तो मुझे भी...
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शनिवार, 27 जून 2020

खारे दिन

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वह तिराहे के एक किनारे खड़ा था। सिर पर अंगोछा लपेटे। जिसका एक सिरा नाक-मुँह से होता हुआ कान तक जाकर गायब हो गया था। कुछ भी नाम हो सकता है उसक...
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अर्चना तिवारी
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