शुक्रवार, 5 अक्तूबर 2012

पूरब के लाल


मास अक्टूबर तिथि दो, सन् उन्नीस सौ चार
मुगलसराय धन्य हुआ, धन्य हुआ संसार

छोटा कद कोमल वचन, अधर मधुर मुस्कान
सत्यनिष्ठा के पुतले, पूरब के वरदान



बलशाली जवान हुए, समृद्ध हुए किसान
जिनपर देश गर्व करे, बिरले वही प्रधान

सरल सहज वेष-भूषा, ऊँचे-ऊँचे काम
मानव श्रेष्ठ प्रकट हुए, लाल बहादुर नाम


3 टिप्‍पणियां:

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  2. सार्थक प्रस्तुति - आशीष और शुभकामनाएं

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  3. नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ... आशा है नया वर्ष न्याय वर्ष नव युग के रूप में जाना जायेगा।

    ब्लॉग: गुलाबी कोंपलें - जाते रहना...

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