गुरुवार, 18 जुलाई 2013

जाएगा कहाँ रे तू गरीब भाई आगे कुआँ है पीछे खाई।


बिहार के सारण जिले में एक सरकारी प्राथमिक स्कूल में मध्याहन भोजन खाने के बाद भोजन विषाक्तता के कारण 23 बच्चों की मौत। अब पहले मिड-डे-मील चखेंगे प्रिंसिपल साहब।  निगरानी समिति का गठन होगा। इस खाने को प्रिंसिपल द्वारा चखते हुए कौन देखेगा ??? CCTV  लगेगा क्या ?? प्रिंसिपल साहब के तो खाने पीने का बंदोबस्त हो गया। प्रिंसिपल साहब ही क्यों उनके  जितने नातेदार रिश्तेदार होंगे सभी ये नेक काम करेंगे। आखिर में जब गंगा बह रही है तो प्यासा क्यों मरना। एक और गरीब भ्रष्टाचार  समिति के खाने पीने का बंदोबस्त हो गया  । कुर्सी वाले दाता कितना भला है तू एकदम बोले तो दरिया दिल अपने भाइयों का कितना ख्याल रखता  है। गरीब रोज़-रोज़ खाने के लिए जिए  इससे अच्छा एक दिन में ही.......... भर दे उसका पेट ऐसा की तान के सो जाए।  फिर कभी खाने के लिए मरना  ना पड़े। ऐसा बंदोबस्त की  जाएगा कहाँ रे तू गरीब भाई आगे कुआँ है  पीछे खाई। 



2 टिप्‍पणियां:

  1. कम से कम बच्चे बीमार पड़ेंगे तो प्रिंसिपल की जवाबदेही तो रहेगी .... वैसे भी बिना कहे भी खाते ही हैं

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  2. अफ़सोस होता है इतने साल की आज़ादी के बाद भी देश की इतनी खराब हालत है ...

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